सही क्लीयरेंस, पहली ही बार में।
कस्टम ब्रोकर लाइसेंस हमारा अपना है, इसलिए क्लासिफ़िकेशन, ड्यूटी, परमिशन और फ़ाइलिंग वही लोग करते हैं जो आपका कार्गो भेजते हैं। समस्याएँ जहाज़ के रवाना होने से पहले सुलझ जाती हैं, उतरने के बाद नहीं।
आपके इनवॉइस से लेकर आउट ऑफ़ चार्ज तक, सब कुछ।
हम जहाज़ के आने से पहले ही शुरू कर देते हैं।
हमें आपसे क्या चाहिए।
पीले आइटम हमेशा ज़रूरी हैं। नीले आइटम प्रोडक्ट, स्कीम और ओरिजिन देश पर निर्भर करते हैं। इनवॉइस भेजने पर हम आपको ठीक-ठीक बताएँगे कि कौन-से लागू होते हैं।
वे समस्याएँ जिन्हें हम आपका नुक़सान होने से पहले पकड़ लेते हैं।
हम कहाँ क्लियर करते हैं।
हम पूरे भारत में इन कस्टम्स स्टेशनों पर सी, एयर और इनलैंड कंटेनर डिपो से फ़ाइलिंग और फ़ॉलो-अप करते हैं।
कस्टम क्लीयरेंस से जुड़े सवाल
कस्टम ब्रोकर क्या करता है?+
लाइसेंसधारी कस्टम ब्रोकर भारतीय कस्टम्स में आपका बिल ऑफ़ एंट्री या शिपिंग बिल फ़ाइल करता है, सही क्लासिफ़िकेशन और ड्यूटी तय करता है, प्रोडक्ट के लिए ज़रूरी परमिशन दिलवाता है, और माल रिलीज़ होने तक शिपमेंट पर नज़र रखता है। यह काम सिर्फ़ लाइसेंसधारी ब्रोकर या ख़ुद इम्पोर्टर या एक्सपोर्टर ही कर सकता है।
क्या आप मेरा कार्गो पहुँचने से पहले बिल ऑफ़ एंट्री फ़ाइल कर सकते हैं?+
हाँ। एडवांस फ़ाइलिंग हमारा सामान्य तरीक़ा है। इससे असेसमेंट तभी शुरू हो जाता है जब जहाज़ या फ़्लाइट रास्ते में होती है, जिससे कई दिन और डेमरेज बचते हैं।
क्लीयरेंस में कितना समय लगता है?+
जब दस्तावेज़ पूरे हों और एग्ज़ामिनेशन की ज़रूरत न हो, तो कई शिपमेंट पहुँचने के दिन ही रिलीज़ हो जाते हैं। जिस कार्गो का एग्ज़ामिनेशन होना हो या जिसे किसी रेगुलेटर की मंज़ूरी चाहिए, उसमें ज़्यादा समय लगता है। अगर आपका प्रोडक्ट ऐसा हो सकता है, तो हम पहले ही बता देते हैं।
क्या आप ऑर्डर देने से पहले ड्यूटी बता सकते हैं?+
हाँ। हमें प्रोडक्ट की जानकारी और इनवॉइस या प्रोफ़ॉर्मा भेजें। लाइसेंसधारी ब्रोकर 2 कामकाजी घंटों में क्लासिफ़िकेशन और ड्यूटी का अनुमान दे देगा।
क्या मैं आपको सिर्फ़ कस्टम क्लीयरेंस के लिए रख सकता हूँ?+
हाँ। आप अपना फ्रेट फॉरवर्डर या शिपिंग लाइन ला सकते हैं, और हम भारत की तरफ़ कार्गो क्लियर करके आपकी ज़रूरत के मुताबिक़ उसे सौंप देंगे या डिलीवर कर देंगे।